ईंधन की दर  दिन-ब-दिन आउट ऑफ कंट्रोल होता जा रहा है. लगातार पांचवे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े,

ईंधन की दर दिन-ब-दिन आउट ऑफ कंट्रोल होता जा रहा है. लगातार पांचवे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े,

Haryana News Reporter:
पंचकूला_चंडीगढ़।
इन पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम चार बार बढ़ाए गए हैं. शनिवार (26 मार्च) को भी ईंधन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की है. शनिवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में 80 पैसों की बढ़ोत्तरी हई है. इस तरह पिछले पांच दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 3 रुपए 20 पैसे तक दाम बढ़ चुके हैं. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां पेट्रोल के दाम 84 पैसे तो डीजल के दाम 85 पैसे बढ़े. इस तरह मुंबई में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 112.51 रुपए प्रति लीटर से बढ़ कर 113.35 रुपए प्रति लीटर हो गई. इसी तरह डीजल की कीमत 96.70 रुपए से बढ़ कर 97.55 रुपए प्रति लीटर हो गया.

इस तरह दिल्ली की बात छोड़ दें तो लगभग सभी महानगरों में पेट्रोल का दाम 100 रुपए को क्रॉस कर चुका है. दिल्ली में शनिवार को पेट्रोल की कीमत 98.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल की दर 89.87 रुपए प्रति लीटर हो गई है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस बेतहाशा होती हुई बढोत्तरी की वजह से आम आदमी की जेब पर काफी बोझ बढ़ा है. चार महीने तक ईंधन की कीमतें स्थिर रहने के बाद मंगलवार को कीमतों में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होनी शुरू हुई. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस लगातार बढ़ती हुई कीमतों की वजह क्या है? यह सवाल केंद्रीय सड़क परिवहन और महामार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) से पूछा गया. नितिन गडकरी ने इसका जवाब दिया.

पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज क्यों बढ़ रही? इस सवाल के जवाब में बोले गडकरी:

नितिन गडकरी ने कहा, ‘भारत में 80 फीसदी तेल आयात किया जाता है. इस वक्त रशिया और यूक्रेन का युद्ध (Russia Ukraine War) शुरू है. इस युद्ध का असर कई देशों पर हो रहा है. युद्ध के काल में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से हम कुछ नहीं कर सकते.’
ईंधन की कीमतें बढ़ने का टेंशन होगा कम, हर पांच किलोमीटर पर बन रहे हैं चार्जिंग स्टेशन

19 मार्च 2022 तक देश में 10 लाख 60 हजार 707 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ. यह जानकारी सड़क परिवहन और हाइवे मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में दी. एक सवाल के जवाब में नितिन गडकरी ने कहा, ‘ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशियंसी के मुताबिक 21 मार्च 2022 तक देश में 1742 सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हो चुके हैं. देश के अहम महामार्गों पर 5 किलोमीटर के अंतर पर चार्जिंक स्टेशन बनाने का काम किया जा रहा है.’ जब ज्यादातर लोग इलेक्ट्रिग वाहनों का इस्तेमाल करने शुरू कर देंगे तो बहुत हद तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का असर कम हो जाएगा. यह वजह है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता दिखाई जा रही है. सरकार की ओर से इसे बढ़ावा देने के लिए जोर दिया जा रहा है.

राष्ट्रीय