अस्पताल में चिकित्सक थे नदारद, डेढ़ घण्टे तक तड़पता रहा युवक, हुई मौत

भले ही सूबे की सरकार बिहार में स्वास्थ्य सुविधा की सुदृढ व्यवस्था का ढोल क्यों न पीट ले मगर हकीकत धरातल पर आकर समझा जा सकता है।इसका जीता जागता उदाहरण सदर प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्यकेंद्र जम्होर है जहां चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण एक 22 वर्षीय वर्षीय युवक की तड़प तड़प कर मौत हो गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम जम्होर स्थित अनुग्रह नारायण स्टेशन के पश्चिम केबिन के समीप ट्रेन से टकरा कर एक अज्ञात युवक बुरी तरह जख्मी हो गया। जिसे स्थानीय लोगों ने जीआरपी की मदद से बेहतर इलाज के लिए जम्होर स्थित पीएचसी लाया। मगर इस अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही कोई अन्य कर्मी।अस्पताल सिर्फ नर्स के भरोसे पर था।
मानवता के नाम पर युवक को लेकर स्थानीय लोग इलाज के लिए पहुंचे और उसे देखने की अपील की।लेकिन नर्स की जितनी समझ थी उतना उसने इलाज किया। मगर नर्स के द्वारा किया गया इलाज पर्याप्त नही होने के कारण उसकी तड़प तड़प कर मौत हो गयी।इधर स्थानीय लोगों ने युवक की मौत मामले में अस्प्ताल में चिकित्सक का न होना बताया। कहा कि यदि चिकित्सक की उपस्थिति यहां रहती तो डेढ़ घण्टे तक उसे तड़पना नही पड़ता।

क्राइम सेहत