रायपुर गांव के संविलियन विद्यालय में घुसकर कक्षा 8 के 12 वर्षीय छात्र को दबंगो ने अध्यापकों की उपस्थिति में कक्षा से निकालकर जमकर पीटा

रायपुर गांव के संविलियन विद्यालय में घुसकर कक्षा 8 के 12 वर्षीय छात्र को दबंगो ने अध्यापकों की उपस्थिति में कक्षा से निकालकर जमकर पीटा

यह घटना 24/09/2021 की है सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे के मध्य विद्यालय में बच्चे खाना खाने के बाद परिसर में खेल रहे थे उसी दौरान किसी कारणवश अमित कुमार पुत्र धनपाल उम्र करीब 10 वर्ष ओमवीर पुत्र लालबहादुर उम्र करीब 12 वर्ष दोनों आपस में धक्का मुक्की करने लगे जिससे अमित कुमार के फर्श पर गिर जाने से मांथे पर चोट लग जाती है जिसके बाद चोटिल अमित कुमार कुछ समय बाद विद्यालय से रोते हुए सीधे अपने घर चला जाता है और अपने माता पिता के पूंछने पर कहता है मुझे ओमवीर ने गिरा दिया

जिसके बाद अमित कुमार के पिता धनपाल पुत्र श्यामलाल चाचा मुकेश कुमार पुत्र श्यामलाल उम्र करीब 34 वर्ष के द्वारा विद्यायल परिसर में घुस जाते हैं

और 8 वीं के छात्र 12 वर्षीय ओमवीर के बारे में बच्चों से धमकाते हुए पूँछते हैं कि ओमवीर कौन है उसकी इतनी हिम्मत की उसने हमारे बच्चे को चोट पहुंचाई इतना सुनने के बाद बच्चे डर जाने के कारण से बता देते हैं बो 8 वीं का छात्र और उसी ने धक्का दिया तभी अमित के चोट लगी

इसके बाद उक्त व्यक्ति पहुंचते हैं कक्षा 8 में जहाँ अध्यापकों से दबंगई के साथ बोला जाता है ओमवीर कहाँ है उसे बाहर निकालो उसकी इतनी हिम्मत की हमारे बच्चे को मारा उसे आज जान से मार देंगे इतना सुनने के बाद प्रधानाध्यापक शिवप्रताप सिंह के द्वारा बोला जाता है इस बच्चे को स्कूल में मत मारो इसे मारना है तो बाहर लेजाकर मारो भले ही मार डालो लेकिन यहाँ मत मारो

अब इसे आप प्रधानाध्यापक की लापरवाही कहेंगे या फिर दरिन्दों के डर से 12 वर्षीय ओमवीर को दरिंदों के हाँथ सौंपकर उसके जीवन को जानबूझकर खतरे में डालना जो पूरे विद्यालय परिसर को शर्मसार करता है

क्योंकि ओमवीर को उक्त दरिन्दों ने अध्यापकों के सामने ही मारना शुरू कर दिया और बेहरमी से मारते हुए अपनी फ़ोटो कॉपी की दुकान तक ले जाते हैं

बच्चे को इस तरह पिटता देखकर गाँव के 100 से अधिक लोग इकठ्ठे हो जाते हैं जिसमें से कुछ लोगों ने बच्चे का बचाव करने का भी प्रयास किया लेकिन उन्हें भी उक्त लोगों ने धमकी देते हुए बीच में न बोलने की हिदायत दे डाली

और सबके सामने ही ओमवीर की गर्दन पकड़कर जोर से दवाते हुए कई बार जमीन से पटक दिया जाता है जिससे बच्चे की कई बार सांस तक रुक जाती है उसके बाद भी दरिंदों को बच्चे पर दया नहीं आती है तो घटना स्थल पर मौजूद लोग उक्त लोगों पर हावी होने लगते हैं और गाँव से लोग अधिक संख्या में एकत्र होने लगते हैं जिसे देखते हुए उक्त दरिन्दे बच्चे को उसी अवस्था में अपनी दुकान के आगे सड़क पर ही छोड़कर भाग जाते हैं

जिसके बाद स्कूल में पढ़ने वाले किसी बच्चे के द्वारा ओमवीर के घर सूचित किया जाता है तो माता मुन्नी देवी रोती विलखती दौड़ती चली जाती है जिसके पीछे से ओमवीर का बड़ा भाई संजीव कुमार उम्र करीब 20 वर्ष भी सूचना मिलते ही दौड़कर अपने छोटे भाई के पास पहुंचता है जहाँ उसका छोटा भाई ओमवीर बेहोशी की हालत में चारपाई पर होता है

जिसे विद्यालय के अध्यापक अमित कुमार के द्वारा ही सड़क से उठाकर चारपाई पर लिटाया जाता है जिसके बाद बच्चे की नाजुक स्तिथी को देखते हुए 112 एवं 108 को सूचित कर कर बुलाया जाता है जो करीब 1.30 बजे के अंतर्गत घटना स्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए बेहोश बच्चे को
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर को भेज दिया जाता है
और जब पुलिस के आने की खबर स्कूल वालों को मिलती है तो स्कूल को समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है

और बेहोश ओमवीर के माता जब बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर 108 के साथ पहुंचते हैं तो अस्पताल परिसर में पहले से ही मौजूद मिलते हैं प्रधानाध्यापक शिवप्रताप सिंह और पिता राजेश सिंह जो इस समय भाजपा सांसद वरुण गांधी के प्रतिनिधि हैं
जो डॉक्टरों से बात करते हुए पाए जाते हैं

जिसके बाद उपचार के नाम पर डॉक्टरों के द्वारा एक इंजेक्शन दिया जाता है ताकि ओमवीर होश में आ सके लेकिन ओमवीर होश में नहीं आता है तो अस्पताल के डॉक्टर थप्पड़ मारकर होश में लाने का प्रयास करते हैं

इसपर बच्चे के माता पिता नाराजगी व्यक्त करते हुए बोलते हैं मेरे बच्चे की हालत पहले से गंभीर है और आप लोग इलाज न करके उसे थप्पड़ मारकर होश में लाने के लिए उसे मार रहे हो रहे हो तो डॉक्टर अपनी सफाई देते हुए कहते हैं आपके बच्चे की हालत इतनी नाजुक नहीं है कि होश में न आए इसलिए थप्पड़ मारकर देखा देखा कहीं नाटक तो नहीं कर रहा है इस पर ओमवीर के माता पिता कहते हैं आपका बेटा होता तो आप ऐसी बात नहीं करते जैसी आप कर रहे हो

जिसके बाद डॉक्टर के द्वारा ओमवीर के पिता लालबहादुर को एकांत कमरे में लेजाकर बोला जाता हैं तुम बच्चे का इलाज करबाने आए हो या रिपोर्ट लिखबाने तो इस पर ओमवीर के पिता डॉक्टरों से कहते हैं हमें अपने बच्चे का इलाज भी कराना है और रिपोर्ट भी लिखबाने है जिसपर डॉक्टरों के द्वारा बोला जाता है इस बच्चे को थाने ले जाओ और अपनी रिपोर्ट लिखाओ फिर यहाँ लाना

जिसके बाद ओमवीर को बेहोशी की हालत में लेकर पीड़ित परिवार ई रिक्शा से थाने लेकर पहुंचता है जहाँ उन्हें मिलते हैं एक दरोगा जी जो पीड़ित परिवार के बेहोश ओमवीर का मेडिकल कराने के लिए कहते हैं जिनके साथ में एक पुलिस कर्मी भेजा जाता है

जिसके बाद बेहोश ओमवीर को अस्पताल लेजाकर डॉक्टरों के द्वारा पुनः इंजेक्शन लगाए जाते हैं जिसके बाद ओमवीर को होश आता है और फिर थाने भेज दिया जाता है लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में क्या लिखा है और क्या नहीं इसकी डॉक्टरों के द्वारा कोई भी जानकारी पीड़ित परिवार को नहीं दी जाती है और न ही मेडिकल रिपोर्ट और जब दुबारा अस्पताल से बच्चे को लेकर पीड़ित परिवार थाने पहुंचता है तो रिपोर्ट लिखने के नामपर कोई भी संतोषजनक जबाब नहीं दिया जाता है

और जब इस सम्बंध में बीसलपुर कोतवाल कमल सिंह यादव से बात की जाती है तो उनके द्वारा भी कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया जाता है और पीड़ित पक्ष को थाने में ही बाहर चबूतरे पर करीब एक घंटे कार्यवाही के नामपर बैठाकर रखा जाता है

उसके बाद बीसलपुर कोतवाल कमल सिंह यादव एक दरोगा से कहते हैं दूसरे पक्ष को बुलाओ और इनको सामने बैठाकर इनका फैंसला कराओ जिसके बाद पीड़ित परिवार अपने बच्चे को लेकर थाने से वापस अपने घर चला आता है क्योंकि बीसलपुर पुलिस पीड़ित परिवार की ओर से कार्यवाही न करते हुए फैंसला कराने का प्रयास करती रही

जिसके बाद जो गाँव वालों ने सच्चाई को सामने रखा है उसमें गाँव की तमाम महिलाएं बुजुर्ग स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे आदि लोगों ने सच को सामने रखा है

जिसके माध्यम से ही बीसलपुर पुलिस प्रशासन को कार्यवाही करने की आवश्यकता है जिसके लिए अधिकांश गांव के लोग भी मांग करते हुए घटना की निंदा करते हुए दोषियों को दंडित करने की बात कह रहे हैं

और गांव वालों का ये भी कहना है कि नावालिक ओमवीर कश्यप जाती से है और उसे मारने वाले लोग वर्मा हैं जो किसान जाती से हैं और क्षेत्रीय विधायक भी किसान जाती से हैं जो इस समय भाजपा से मौजूदा विधायक भी हैं

जो उक्त दोषी किसान जाती के लोगों को अपना भीतरी संरक्षण दे रहें हैं और जो भाजपा से सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह हैं बो भी उन्ही लोगों को संरक्षण देने में लगे हैं क्योंकि जिस विद्यालय की घटना है उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक उनके बेटे शिव प्रताप सिंह हैं जिसके द्वारा ही विद्यालय से लड़के को पकड़कर उक्त लोगों को सौंपा गया था इसीलिए बीसलपुर पुलिस कार्यवाही करने में आना कानी करने में लगी है

जिससे गाँव के लोगों में उक्त सांसद प्रतिनिधि से लेकर क्षेत्रीय भाजपा विधायक रामसरन वर्मा के विरुद्ध भारी रोष व्याप्त है

अब देखना यह कि किस तरह से शासन प्रशासन दोषियों पर कार्यवाही करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते हुए सुरक्षा प्रदान करता है

 

पीलीभीत से गजराम की रिपोर्ट

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