हिंदी साहित्य सम्मेलन की अहम बैठक आयोजित 16 अगस्त 2021 को तुलसी जयंती समारोह मनाने का निर्णय

हिंदी साहित्य सम्मेलन की अहम बैठक आयोजित 16 अगस्त 2021 को तुलसी जयंती समारोह मनाने का निर्णय

औरंगाबाद सदर प्रखंड स्थित औरंगाबाद के सत्येंद्र नगर में सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय के हिंदी विभाग के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉक्टर सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह के आवास पर हिंदी साहित्य सम्मेलन जिला शाखा औरंगाबाद की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने की। बैठक में सदस्यों ने आपसी विचार समन्वय किया एवं सावन माह में 16 अगस्त 2021 को हिंदी साहित्य के भक्तिकालीन कवि, सगुण भक्ति धारा के सर्वकालिक कवि, संत शिरोमणि तुलसीदास जी की 510 वी जयंती समारोह मनाने का निर्णय लिया गया। तुलसी जयंती मनाने का मूल उद्देश्य यही है कि आज भारतीय संस्कृति अपने रास्ते से भटक सी गई है ।सभ्यता और संस्कृति को संजीवनी प्रदान करने वास्ते तुलसी जयंती समारोह के माध्यम से सामाजिक संचेतना को विशिष्टता दिलाना है ।आज के बैठक में सिन्हा कॉलेज के भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ रामाधार सिंह, प्रसिद्ध कवि एवं लेखक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा, डॉ महेंद्र पांडेय,पुरुषोत्तम पाठक, कवि एवं लेखक धनंजय जयपुरी, शिक्षक सुरेश विद्यार्थी सहित अन्य उपस्थित थे।

An important meeting of Hindi Sahitya Sammelan District Branch Aurangabad was organized at the residence of Dr. Siddheshwar Prasad Singh, retired Professor of Hindi Department of Sachchidanand Sinha Mahavidyalaya in Satyendra Nagar, Aurangabad Sadar Block. Siddheshwar Prasad Singh presided over the meeting. In the meeting, the members coordinated their mutual thoughts and it was decided to celebrate the 510th birth anniversary celebrations of Sant Shiromani Tulsidas ji, the all-time poet of Saguna Bhakti stream, on August 16, 2021, in the month of Sawan. The basic purpose of celebrating Tulsi Jayanti is that today Indian culture has deviated from its path. In order to give life to civilization and culture, through Tulsi Jayanti celebrations, social consciousness has to be given specialness. In today’s meeting, Geography Department of Sinha College. Former Head of Department Dr. Ramadhar Singh, famous poet and writer Dr. Surendra Prasad Mishra, Dr. Mahendra Pandey, Purushottam Pathak, poet and writer Dhananjay Jaipuri, teacher Suresh Vidyarthi and others were present.

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