नायब तहसीलदार द्वारा पत्रकार मोनू जैन के लात मारने का वीडियो वायरल हुआ था जिसको स्वयं डीएम चंद्र विजय के आदेशानुसार एडीएम फिरोजाबाद विवेचना कर रहे हैं

नायब तहसीलदार द्वारा पत्रकार मोनू जैन के लात मारने का वीडियो वायरल हुआ था जिसको स्वयं डीएम चंद्र विजय के आदेशानुसार एडीएम फिरोजाबाद विवेचना कर रहे हैं

नायब तहसीलदार द्वारा पत्रकार मोनू जैन के लात मारने का वीडियो वायरल हुआ था जिसको स्वयं डीएम चंद्र विजय के आदेशानुसार एडीएम फिरोजाबाद विवेचना कर रहे हैं उसकी जांच कर रहे हैं उनकी आंखें दूसरी दुनिया में चली गई है उनको दिख नहीं रहा है कि लात मारते हुए वीडियोस में लात मारी दिखाई दे रही है उनको और क्या चाहिए उनको उनकी आंखें शायद कुछ और देख रही हैं एडीएम टेलिफोनिक वर्जन में *चल हट* शब्द को ब्रज भाषा शब्द बता रहे हैं ईडीएम को पता नहीं है कि नायब तहसीलदार नौकर हैं और मीडिया स्वतंत्र है एडीएम फिरोजाबाद डिग्री लेकर आए हैं या बिना डिग्री के आ गए। मुझे तो शक है कि इनको किसने डीएम बना दिया जो चल हट को और लात मारने को, ब्रजभाषा बता रहे हैं, आज कितने दिन हो गए उन्होंने दोषी के खिलाफ मुकदमा के लिए आर्डर नहीं दिया, *सीओ कमलेश बोलते हैं* कि भैया कप्तान साहब ने हम को मना किया है बाइट देने से कप्तान साहब एक तरफ बोलते हैं कि किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए तो दूसरी तरफ पत्रकार को लात मार दी किसी नायब तहसीलदार द्वारा, वीडियो में साफ दिख रहा है लात मारते हुए लेकिन भ्रष्टाचार इतना हो गया है आंख है ना कुछ और देख रही हैं शायद आंखों को बटन बोल सकते हैं क्योंकि दिख नहीं रहा है मैंने गलत लिखा हो तो मुकदमा लिखो मेरे ऊपर, अगर सच्चा हो तो मुकदमा लिखो नायब तहसीलदार पर।
एडीएम साहब इस मामले को दबा कर क्या साबित करना चाहते हैं क्या नायब तहसीलदार से घूस ले ली बिक गए क्या????
या फिर अपने अधिकारी को बचाना चाहते हैं

लात मारना स्पष्ट देखने के बाद भी क्यों नहीं लिखा गया मुकद्दमा क्यों नहीं भेजा गया जेल नायब तहसीलदार को, क्यों नहीं हुई कोई कार्यवाही ?????

अगर कोई पत्रकार किसी नायब तहसीलदार को लात मार देता तो कब का मुकदमा लग गया होता नायब तहसीलदार में अगर मोनू लात मारते तो मोनू पर मुकद्दमा लिख गया होता लेकिन नायब तहसीलदार ने मोनू जैन के लात मारी तो कोई मुकद्दमा नहीं लिखा गया आखिर क्यों????

नायब तहसीलदार ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को लात मारी है उसका हर्जाना उसे भुगतना पड़ेगा।

नाम तहसीलदार के साइन स्पष्ट दिखाई दे रहे थे फिर भी उसे बचा लिया गया और लेखपाल को कानूनगो को सस्पेंड कर दिया गया क्या हो चले वाले के अधिकारी सो रहे हैं।

या फिर ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं।

मैं विनोद कुमार गौतम प्रदेश मीडिया प्रभारी भारतीय किसान यूनियन भानु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले को ले जाकर डायरेक्ट मिलूंगा चाय मुझे 2 महीना मोदी जी के घर के सामने क्यों ना मुझे अनशन पर बैठना पड़े।

भूखे पेट उनके घर के सामने बैठा रहूंगा जब तक मोनू को न्याय नहीं मिलता जब तक दोषी के खिलाफ मुकदमा नहीं लगता जब तक नायब तहसीलदार जेल नहीं जाता तब तक मैं चुप नहीं बैठूंगा और मैं समस्त मीडिया बंधुओं से विनती करता हूं कि वह मेरे साथ दें 24000 पत्रकार दिल्ली में मेरा साथ दे रहे हैं उत्तर प्रदेश से मैं चाहता हूं कम से कम 10000 पत्रकार मेरा साथ दें।

मेरी पूरी भारतीय किसान यूनियन भानू की टीम मेरा साथ दे रही है।

मैं माननीय मोदी जी से मिलूंगा और उनसे कहूंगा कि नायब तहसीलदार ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मैं लात मारी है उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करने की कृपा करें।

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