पानीपत में नकली रेमडेसिविर बेचने के मामले का खुलासा ।

पानीपत में नकली रेमडेसिविर बेचने के मामले का खुलासा ।

: एच एन आर : एंटीबायोटिक इंजेक्शन की शीशी पर रेमडेसिविर का नकली स्टीकर चिपकाकर 10 हजार टीके पांच करोड़ रुपये में बेचने वाले मास्टरमाइंड समेत चार को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस की जांच में नया खुलासा हुआ है। लोगों को ठगने का मास्टरमाइंड खुद भी ठगा गया था। इतनी शातिर प्लानिंग के बाद भी उसके हाथ कुछ नहीं आया था। पानीपत पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने बताया कि पुलिस ने रविवार को ठगी के मास्टरमाइंड मोहम्मद शहवार, उसके दोस्त मोहम्मद अरशद व मोहम्मद अखलद और उसके फुफेरे भाई शाहआलम को गिरफ्तार किया था। वहीं शाहआलम के भाई और पांचवें आरोपी शहनजर को पंजाब की रोपड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया। अब पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी तो शहवार, शहआलम और शहनजर हैं, जबकि अखलद अली और अरशद अली की गिरफ्तारी मास्टरमाइंड मोहम्मद शहवार से 5 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में हुई है। दरअसल नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचकर लोगों को धोखा देने और 5 करोड़ रुपये जमा करने वाले मास्टरमाइंड शहवार को अपनों ने ही गिरफ्तारी का डर दिखाकर और बचाने का भरोसा दिलाकर सारे रुपये हड़प लिए थे।
बताया जा रहा है कि एक साथ पांच करोड़ रुपये आने पर फुफेरे भाई शाहआलम ने पूरे पैसे ऐंठने का खेल रचा। इसके लिए उसने अपने दोस्त सहारनपुर के खाताखेड़ी निवासी अरशद अली और अखलद अली को साजिश में शामिल किया।
फुफेरे भाई शाहआलम ने दोस्त अरशद के साथ मिलकर अपने ही भाई शहनजर को उठा लिया और शहवार से कहा कि शहनजर को पंजाब की रोपड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से बचाने के लिए अखलद अली को शहवार के सामने लाया गया और कहा गया कि यह सांसद के यहां काम करता है और पुलिस से बचा लेगा। ऐसे में पांच करोड़ रुपये पुलिस को सौंपने पड़ेंगे। शहवार ने पुलिस के डर से 5 करोड़ रुपये अखलद अली को दे दिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि पूरे खेल के मास्टर माइंड शहवार के हाथ फूटी कौड़ी भी नहीं लगी और उसके फुफेरे भाई और उनके दोस्तों ने आपस में डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये बांट लिए। इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर ने बताया कि आरोपी शाहआलम, उसके भाई शहनजर और सहारनपुर के अरशद ने आपस में पांच करोड़ में से डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये लिए थे, जबकि अरशद के भाई अखलद को 50 लाख रुपये दिए थे।
सहारनपुर के खाताखेड़ी निवासी दोनों भाई अखलद और अरशद का रेमडेसिविर की कालाबाजारी में कोई हाथ नहीं है। उन्होंने सिर्फ शाहआलम के साथ मिलकर उसके भाई शहनजर का अपहरण किया था और पुलिस का डर दिखाकर शहवार से सारी रकम ले ली थी।

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