आखिर अवैध कालोनियों का जन्मदाता कौन ?  अवैध कालोनियों के जन्मदाता के खिलाफ नहीं होती कार्यवाही,  अवैध कालोनियों का गढ़ बना रायसिंहनगर,  रायसिंहनगर में भूमाफियाओं का जाल, अवैध कॉलोनी बना कर ठगे लाखों,

आखिर अवैध कालोनियों का जन्मदाता कौन ? अवैध कालोनियों के जन्मदाता के खिलाफ नहीं होती कार्यवाही, अवैध कालोनियों का गढ़ बना रायसिंहनगर, रायसिंहनगर में भूमाफियाओं का जाल, अवैध कॉलोनी बना कर ठगे लाखों,

आखिर अवैध कालोनियों का जन्मदाता कौन ?

अवैध कालोनियों के जन्मदाता के खिलाफ नहीं होती कार्यवाही,

अवैध कालोनियों का गढ़ बना रायसिंहनगर,

रायसिंहनगर में भूमाफियाओं का जाल, अवैध कॉलोनी बना कर ठगे लाखों,

रायसिंहनगर (श्री गंगानगर) रोटी कपड़ा और मकान एक आम आदमी की मुख्य जरुरते होती हैं, रोटी कपड़ा का जुगाड़ तो जैसे तैसे हो ही जाता है लेकिन एक नीचे तबके के नागरिक के लिए खुद का घर बनाना एक सपने के सच होने जैसा होता है, गरीब लोगो की उम्र बीत जाती है खुद के घर के लिए पैसे जोड़ने में, फिर उसी मेहनत की कमाई को कोई अचानक से झूठे सपने दिखा लूट ले तो फिर जीने का मकसद ही धुंधला हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है कस्बे के कई लोगो के साथ, सपनो का घर दिलाने के सपने दिखाकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेच लाखों रूपए का चूना लोगो को लगा दिया गया है।कस्बे में एक के बाद एक नई बसाई गई आवासीय कॉलोनियों के कच्चे चिट्ठे खुलने शुरू हो गए हैं। भू माफियाओं द्वारा सस्ते दामों पर कस्बे के आस पास की कृषि भूमि को खरीद कर उस पर अवैध तरीके से आवासीय कॉलोनी बसाकर ऊंचे दामों पर प्लॉट बेच दिए गए। अब इस सब कॉलोनी में घर लेने वाले लोग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कॉलोनियां अवैध होने के कारण ना तो सड़क बन पा रही है और ना ही बिजली पानी की सुविधा मिल रही है। अभी हाल ही में हम ने आपको स्वतंत्रता सेनानी नाम से बनाई गई कॉलोनी का हाल दिखाया था कि किस तरह पार्क के लिए रिजर्व की गई जगह को भी बाद में प्लॉट के रूप में बेच दिया गया। अभी एक अन्य राम नगर के नाम से बसाई गई कॉलोनी का भी यही हाल है। इसमें प्लॉट लेने वाले कह रहे हैं कि उनकी मेहनत की कमाई को लूट लिया गया है। ऐसे ही कई लोगो से हमारे संवाददाता ने बात की तो उनका दर्द ज़ुबान पर आया। नरेंद्र कुमार पुत्र स्वरूप चंद , इंद्राज पुत्र पृथ्वीराज, इंदिरा देवी पत्नी लगा राम, सुलतान पुत्र प्रभु राम,सुखदेव सिंह पुत्र महेंद्र सिंह आदि का कहना है की राम नगर में उन्होंने प्लॉट लिया था लेकिन अब वो अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, ना तो बिजली पानी की व्यवस्था है और ना ही सड़क की सुविधा है, जमीन मालिक से बात करते हैं तो कहा जाता है की दुसरा साझेदार हनुमानगढ़ का है वहां बात करो, इस तरह से अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ा जा रहा है जबकि प्लॉट बेचते समय बहुत वादे किए गए और कई सपने दिखाए गए। ठगी का शिकार हो चुके लोग कह रहे हैं की जाएं तो जाएं कहां किस से शिक़ायत करें कहां सुनवाई होगी कुछ समझ में नहीं आ रहा है।

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