क्या हुआ हस्पताल में ???

ये जो तस्वीर है ये Siraj Ahmed Azmi की है और ये घटना दिनाँक 01/07/2021 को उस समय घटी है, जब वो अपनी छोटी बहन को लेकर एक हॉस्पिटल में पिछले 18 घण्टे से एडमिट थे..

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डॉक्टर का नाम राजेश कुमार यादव (R.K. Yadav) पुत्र भारत यादव है, जिन्होंने फूलपुर ज़िला आज़मगढ़ के पुराने कोल्ड स्टोर के बराबर में अपना छोटा सा अस्पताल बना रखा है, जोकि सिराज के घर से मात्र 50 कदम दूर है…

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कुछ घरेलू विवाद के कारण छोटी बहन को सदमा लगा जिस कारण उसे डॉक्टर R. K. यादव के यहां परसों के दिन से एडमिट थे, और उसकी हालत में सुधार न आने के चलते कई बार उन्होने डॉक्टर R. K. यादव से कहीं अन्यत्र ले जाने की विनती की..

इस बीच इन भाइयों में अस्पताल के बाहर बहस हुई और अस्पताल के अज्ञात कंपाउंडर ने अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुवे मरीज़ को बाहर निकालने की बात करने लगा, ये उससे पूछने अस्पताल के अन्दर दाखिल हुये कि आप कौन होते हैं, हमें डॉक्टर R. K. यादव से बात करनी है..

ये सुनकर वो कंपाउंडर (23) (जो शराब के नशे में धुत्त था) तैश में आकर अस्पताल के चैनल गेट में जंजीर लगाकर ताला लगाया, फिर अन्दर जाकर एक दूसरे स्टॉफ और डॉक्टर के पिता भारत यादव (78) को मोटे मोटे बाँस के साथ लेकर आया, और इन्हे, और इनकी पत्नी, बड़ी बहन और दोनों बच्चियों को बेरहमी से मारा, जिससे ये सब घायल हो गए, ये अपने सामने अपनी बहन जो बुरी तरह सदमे में थी जिसकी नज़र इनपर टिकी थी, बस उसे देखता रहा और चुपचाप मार खाता रहा, फिर हॉस्पिटल वालों ने कोतवाली फ़ोन कर पुलिस बुला ली…

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मोबाइल साथ न ला पाने के कारण सिराज 100 नंबर डायल न कर सका, और लगभग आधे घण्टे बाद डॉक्टर के ऑपरेशन थियेटर से बाहर आने पर गेट का ताला खोला गया, जिसके बाद डॉक्टर ने इनपर अज्ञात कम्पाउण्डर पर हाथ उठाने और उसे घायल करने का झूठा इल्जाम लगाकर मामले को वहीं रफा दफा करवा दिया, और मरीज़ को बाहर निकाल दिया, ये फिर भी उससे पूरी इज़्ज़त से पेश आया, उससे दर्द की दवाई लेकर खाई और मरीज़ को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करवाया..

डॉक्टर राजेश कुमार यादव उनके पिता और उनके स्टाफ से इनका किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था, यदि डॉक्टर के मुताबिक इन्होने उनके स्टॉफ पर कोई हमला या मारपीट की थी, तो उन्हें प्रशासन की सहायता लेकर इनपर रिपोर्ट दर्ज करवानी चाहिये थी.. कानून को हाथ में लेकर मोटे बाँस से इनकी, और इनकी पत्नी और इनकी बहन और बच्चो की पिटाई का अधिकार उन्हें किसने दिया..?

इस बारे में पुलिस ने इनपर दबाव बनाया, और इनकी छोटी सिस्टर की बिगड़ती हालात से मजबूर हो ये उस समय कोई कार्यवाही नहीं कर पाये लेकिन अब ये चाहते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इस मामले की पूर्णतः जाँच करे और अस्पताल में मौजूद CCTV में घटना का मुआयना कर अपनी प्रतिक्रिया दे.. क्यूंकि डॉक्टर अपने पैसे और रसूख के चलते प्रशासन पर हावी है…
आप सब पीड़ित के हक में अवाज़ उठाएं, ताकि पीड़ित को उचित न्याय मिले… 🙏 Adnan Nizami

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