सीएम नीतीश ने अफसरों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराएं


सीएम नीतीश ने अफसरों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराएं नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बिहार सरकार ऐसे लोगों की सूची भी बना रही है जिन्होंने अब तक सरकार को संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ शिकंजा कसने की रणनीति बनाई जा रही है। सरकार से अपनी संपत्ति छुपाने वाले सरकारी सेवकों पर अनुशासनिक कार्रवाई के साथ ही आपराधिक केस भी दर्ज किया जाएगा।

इसको लेकर सख्त आदेश मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण ने बुधवार को जारी किया। उन्होंने सभी विभागों के प्रधान सचिव, डीजीपी, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि सरकारी सेवकों द्वारा चल-अचल संपत्ति का ब्योरा तथा खरीद-बिक्री की जानकारी दिये जाने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है।

इस संबंध में 25 मार्च, 2021 को सामान्य प्रशासन के द्वारा मार्गदर्शन भी निर्गत किया गया है। इसके बाद भी ऐसे मामले देखे जा रहे हैं कि सरकार द्वारा निर्धारित उक्त नियमों का दृढ़ता से पालन कई स्तरों पर नहीं किया जा रहा है। इसका पालन आप सभी सुनिश्चित कराएं। कहा कि हर साल सभी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को दिसंबर के बाद फरवरी तक अपनी संपत्तियों और दायित्वों की जानकारी सरकार को देनी है। अगर, किसी को विरासत में संपत्ति मिली है तो इसकी भी पूरी जानकारी सरकार को देनी है।


पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर्स डे के मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से आह्वान किया है कि वे योग के फायदों के लेकर रिसर्च करें।

पीएम मोदी ने कहा कि जब डॉक्टर योग पर स्टडी करते हैं तो पूरी दुनिया इस बात को गंभीरता से लेती है। क्या आईएमए की ओर से ऐसे अध्ययन को मिशन मोड पर आगे बढ़ाया जा सकता है? क्या योग पर आपकी स्टडी इंटरनेशनल जर्नल्स में प्रकाशित हो सकती है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज हमारे डॉक्टरों की ओर से कोविड प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है और उसे लागू कराया जा रहा है। हमने देखा है कि कैसे मेडिकल इन्फ्रास्ट्रकचर को इग्नोर किया गया था। हालांकि तमाम परेशानियों के बावजूद भारत की स्थिति कई विकसित देशों के मुकाबले भी स्थिर और बेहतर रही।’

पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सभी लोगों से अपील करता हूं कि पूरी जागरूकता के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। आज कल चिकित्सा जगत से जुड़े लोग योग को प्रमोट करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई आधुनिक मेडिकल साइंस संस्थान इस बात पर स्टडी कर रहे हैं कि आखिर कोरोना संक्रमित होने के बाद कैसे योग लोगों को उबरने में मदद कर सकता है।

पीएम मोदी ने इस मौके पर डॉक्टरों की जमकर सराहना करते हुए कहा, ‘हमारे डॉक्टरों के ज्ञान और अनुभव के चलते हमें कोरोना वायरस से लड़ने में मदद मिल रही है। हेल्थ सेक्टर के बजट को भी सरकार की ओर से दोगुना कर दिया गया है।’

सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को बीच में ही उड़ाने की साजिश थी।


दहशतगर्दों ने लोकल केमिकल का इस्तेमाल कर आईईडी तैयार किया था। पर वे अपनी साजिश में कामयाब नहीं हो पाए। दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में हैदराबाद में दबोचे गए सगे भाई इमरान मलिक उर्फ इमरान खान और मो. नासिर खान उर्फ नासिर मलिक से शुरुआती पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूरी साजिश पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के इशारे पर रची गई थी। दोनों भाइयों को जल्द ही एनआईए ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाएगी।

एनआईए द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, नासिर वर्ष 2012 में पाकिस्तान गया था। वहां उसने लश्कर के आतंकियों से ट्रेनिंग दी थी। इस दौरान उसे लोकल केमिकल का इस्तेमाल कर आईईडी बनाना भी सिखाया गया था। गिरफ्त में आए नासिर और इमरान ने सिकंदराबाद-दरभंगा ट्रेन में ब्लास्ट के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आईईडी तैयार किया था। हालांकि किसी कारणवश ट्रेन में धमाका नहीं हो पाया। दोनों ने पार्सल में जो आईईडी रखा था, वह बेहद खतरनाक है। धमाके के बाद इससे ट्रेन आग की चपेट में आ सकती थी।

भारत में जल्द ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी टीका लगना शुरू हो जाएगा।


बेंगलुरु बेस्ड फार्मास्युटिकल कंपनी जायडस कैडिला ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी डीसीजीआई से 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए अपनी डीएनए वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। अगर डीसीजीआई से इस वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो फिर देश में जारी टीकाकरण अभियान में जल्द ही यह वैक्सीन शामिल हो सकती है। बता दें कि वैक्सीन के तीनों चरणों का ट्रायल पूरा हो चुका है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जायडस कैडिला ने भारत के टॉप दवा नियामक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के समक्ष आवेदन दिया है, जिसमें उसने अपनी डीएनए वैक्सीन Zycov-D के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी की मांग की है। जायडस कैडिला की यह वैक्सीन 12 वर्ष की आयु और उससे ऊपर के लोगों के लिए है। कंपनी ने वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल का डेटा प्रस्तुत किया है, जिसमें 28,000 से अधिक वॉलंटियरों ने भाग लिया था। रॉयटर्स की मानें तो अंतरिम डेटा में वैक्सीन सुरक्षा और प्रभावकारिता के मानकों पर खड़ी उतरी है।

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