बिहार पंचायत चुनाव में तीन लाख मतपेटियों का होगा इस्तेमाल, ईवीएम की कमी के बाद हुआ फैसला

बिहार पंचायत चुनाव में तीन लाख मतपेटियों का होगा इस्तेमाल, ईवीएम की कमी के बाद हुआ फैसला

आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि भंडारित की गई हर एक मतपेटी की बारीकी से भौतिक सत्यापन कराने के साथ 25 जुलाई तक मरम्मत सुनिश्चित कराएं। मतपेटियों का नए सिरे से रंग-रोगन कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

बिहार की आठ हजार से अधिक ग्राम कचहरियों में पंच और सरपंच के करीब सवा लाख पदों पर चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग तीन लाख मतपेटियों को दुरुस्त करने तैयारी में जुट गया है। चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मतपेटियों को लेकर आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि भंडारित की गई हर एक मतपेटी की बारीकी से भौतिक सत्यापन कराने के साथ 25 जुलाई तक मरम्मत सुनिश्चित कराएं। मतपेटियों का नए सिरे से रंग-रोगन कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

तीन अधिकारियों की सेवा तलब

 

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधित कार्यों की अधिकता का तर्क देते हुए सरकार से तीन अधिकारियों की सेवा मांगी है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा है। आयोग ने निर्वाचन विभाग से नालंदा जिला के हिलसा के अवर निर्वाचन पदाधिकारी प्रेम प्रकाश और बक्सर जिले के डुमरांव में अवर निर्वाचन पदाधिकारी अनिल कुमार पटेल की प्रतिनियुक्ति राज्य निर्वाचन आयोग में पंचायत चुनाव संपन्न होने तक करने को लेकर पत्र लिखा है। इसी प्रकार से आयोग ने निर्वाचन विभाग से किसी जानकार उप निर्वाचन पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने का भी अनुरोध किया है।

32 जिलों की आरक्षण सूची में गड़बड़ी

 

आयोग ने पांच जिलों को छोड़कर शेष 32 जिलों को त्रिस्तरीय पंचायतीराज के पदों के आरक्षण की संशोधित सूची अपलोड़ करने का निर्देश दिया है। आयोग की जांच में जिन जिलों की पदवार आरक्षण की सूची सही पाई गई उसमें सारण, जमुई, किशनगंज, जहानाबाद और अरवल है। शेष अन्य जिलों द्वारा आरक्षण की स्थिति को अपलोड तो किया गया है, लेकिन जांच में कई गड़बडिय़ां मिली हैं।

मतदान दल की संख्या तय

 

आयोग ने मतदान के लिए कर्मियों की आवश्यकता को देखते हुए मतदान दल में एक पीठासीन पदाधिकारी और एक-पांच तक मतदान पदाधिकारी रहेंगे। यह संख्या पूर्व के चुनावों की संख्या से दो अधिक होगी। हर पंचायत पर एक ईवीएम का कलस्टर भी बनाने का निर्देश

 

 

 

 

 

 

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