प्रयागराज

*प्रयागराज में गंगा नदी के किनारे स्थित है ऐतिहासिक उल्टा किला*

 

*सतीश चंद्र उत्तर प्रदेश प्रयागराज खास रिपोर्ट

 

 

प्रयागराज. संगम नगरी प्रयागराज की पहचान वैसे तो गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी से होती है लेकिन यहां पर कई ऐसे प्राचीन और पौराणिक महत्व के भी स्थल मौजूद हैं, जिनके महत्व के बारे में ज्यादातर लोग अनजान हैं. जी हां, हम आपको ऐसे ही एक रहस्यमयी स्थान से रुबरु करायेंगे. जो प्रयागराज में गंगा नदी के तट पर स्थित है और इसे लोग ‘उल्टा किला’ के नाम से जानते हैं. आखिर क्या है ये उल्टा किला और इस किले का क्या है रहस्य? आइए आपको बताते हैं…

प्रयागराज शहर से वाराणसी की ओर जब हम आगे बढ़ते हैं तो शास्त्री ब्रिज पारकर जब हम झूंसी इलाके में पहुंचते हैं. यहां गंगा नदी के किनारे लगभग 4 किलोमीटर के दायरे में झूंसी क्षेत्र बसा हुआ है. यहां गंगा नदी के किनारे टीलों की एक श्रृंखला दिखायी देती है, जिसके नीचे तमाम निर्माण दबे हुए हैं. इस क्षेत्र को लोग उल्टा किला के नाम से पुकारते हैं. कहा जाता है कि यहीं पर प्राचीनकाल में प्रतिष्ठानपुर नगर बसा हुआ था. यह चंद्रवंशीय राजाओं की राजधानी भी थी. झूंसी के नामकरण व उल्टे किले को लेकर कई जनश्रुतियां व किवदंतियां प्रचलित हैं.

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