किन मानसिक परेशानी से जूझ रहे है। कोरोना पीड़ित  के घर वाले

किन मानसिक परेशानी से जूझ रहे है। कोरोना पीड़ित के घर वाले

  • कोरोना में अपने को खोने का गम है। ये जो सभी परेशानी जो हमारी जिंदगी में आई है इन्होंने यकीनन हमको काफी

हद तक बदला होगा। परिवर्तित किया होगा। हमारे अंदर कुछ अलग किसिम की परेसानिया पैदा किया होगा जो जो सायेद डॉक्टर भी न पकड़ पाए। लेकिन मानसिक तौर पर, आध्यात्मिक तौर पर मैहसुस की जा सकती है।

इसलिए मैं आप लोग को बताना  चाहती हू की किस तरह का बदलाव वो अपने अंदर महसूस करते है।

आप लोग को बता दे की यह दर्द एक ऐसा दर्द है इस दर्द की जड़े अन्त तक।गहराई तक चली जाती है।

क्या करना चाहिए आप लोग को इस दर्द से बाहर निकलने के लिए।

दर्द से बाहर निकलने के लिए क्या-क्या करना जरूरी है।

इसके लिए हम कम से कम रोज 30 मिनट  अपने साथ में बैठे और ध्यान करे और खुद से जुड़े। और भी कई तरह के थैरपी है। इस दर्द से बाहर निकलने के लिए।

योग निंद्रा, योग थैरपी, संगीत थैरपी, प्राथना थैरपी, भजन थैरपी। ये सब माध्यम है इस दर्द से बाहर निकलने के लिए। पीरा को प्रेरणा बनाने के लिए और खुद से जुड़ने के लिए जो सबसे ज्यादा मन पर मस्तिष्क पर एक मनोवैज्ञानिक दबाव बना लेते है। पूरे वैस्विक स्तर पर तनाव,चिंता,भये,अकेलापन,अवसाद,चिरचिरापन, अनिद्रा, भर्म, निराश और जो भी बोरिंग जिन से सब बोर हो रहे है। उन सब परीसानियो को अपने अंदर के बाहर  निकाल दे और अपने लाइफ में खुश रहे।

 

 

 

 

 

 

 

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