*यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द होने से छात्रों की बल्ले-बल्ले हो गई है।*

 

*संदीप कुमार की खास रिपोर्ट

प्रयागराज*

मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के फैसले से राज्य में हर साल फेल हो रहे करीब 12 लाख छात्र-छात्राएं भी आसानी से पास हो जाएंगे।

 

दरअसल यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में हल साल औसतन 80 फीसदी छात्र ही पास होते हैँ और 20 फीसदी फेल हो जाते हैं। यूपी बोर्ड 10वीं के छात्रों की संख्या कुल संख्या 30 लाख हो तो इसका 20 फीसदी 6 लाख छात्र होते हैं। यानी 10वीं में हर साल बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में करीब 6 लाख छात्र फेल होते हैं।

 

 

इस प्रकार 12वीं की बोर्ड परीक्षा में औसतन 75 फीसदी छात्र पास होते हैं जबकि 25 फीसदी छात्र फेल हो जाते हैं। चूंकि 12वीं के परीक्षार्थियों औतस संख्या हल साल 25 लाख होती है। ऐसे में 25 लाख में फेल होने वाले 25 फीसदी छात्रों की संख्या 625000 यानी करीब 6 लाख होती है।

 

इस प्रकार से देखा जाए तो यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं में हर साल फेल होने वाले करीब 12 लाख छात्र इस बार आसानी से पास हो सकेंगे।

 

 

2020 में यूपी बोर्ड के साढ़े 55 लाख से परीक्षार्थी परीक्षा फॉर्म भरा था। हाईस्कूल में 30,03,471 और इंटर में 25,70,600 छात्रों का परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया था।

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