आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लॉक अजमतगढ़ अंतर्गत बेरमा गांव में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर टू डोर टीका लगाने के लिए जब गांव में पहुंची तो लोगों ने घरों का दरवाजा बंद कर लिया और टीका लगवाने से मना कर दिया

आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लॉक अजमतगढ़ अंतर्गत बेरमा गांव में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर टू डोर टीका लगाने के लिए जब गांव में पहुंची तो लोगों ने घरों का दरवाजा बंद कर लिया और टीका लगवाने से मना कर दिया

आजमगढ़ जिला ब्यूरो चीफ़ शुभम कुमार रावत ख़बर व विज्ञापन के लिए सम्पर्क सूत्र–8090100049

 

आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के ब्लॉक अजमतगढ़ अंतर्गत बेरमा गांव में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर टू डोर टीका लगाने के लिए जब गांव में पहुंची तो लोगों ने घरों का दरवाजा बंद कर लिया और टीका लगवाने से मना कर दिया और बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा खंड विकास अधिकारी अजमतगढ़ इरशाद अहमद और उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार को सूचना दी जिस पर मौके पर पहुंचे दोनों अधिकारियो ने निगरानी समितियों को लेकर और गांव के प्रधान कोटेदार आदि को लेकर गांव का भ्रमण करना शुरू किया और एक एक घर के लोगों को समझाना प्रारंभ किया। जिस पर लोग टीका लगवाने को कुछ लोग राजी हुए। जबकि अन्य लोग टीका लगवाने से मना कर दिया हालांकि पूर्व से ही निगरानी समितियां गांव में लगाई गई हैं पर निगरानी समितियों द्वारा जो जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है वह कहीं न कहीं त्रुटियों और भ्रांतियों से भरा हुआ है। भ्रांतियों की वजह से ही आज लोगों में टीका लगवाने के प्रति लोगो मे जागरूकता नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार अभी से तीसरी लहर की तैयारी शुरू कर दी है जिसके लिए आईसीयू बेड अस्पतालों का निर्माण आदी किया जा रहा है पर इसके बावजूद जो भी निगरानी समितियां बनाई गई हैं वह कागजों पर ही सिमट कर रह गई है। जिस वजह से गांव में जागरूकता की कमी होने से लोग टीकाकरण केंद्र पर नहीं जा रहे हैं आलम यह है कि गांव के दलित बस्ती में जैसे ही टीम पहुंची लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर कर बाहर नहीं निकले और टीका लगवाने से मना कर दिया।

 

जबकि गांव की कुल आबादी 5000 से ऊपर की है और स्वास्थ्य विभाग की टीम अपने साथ 300 से ऊपर वैक्सीन की डोज लेकर गांव में पहुंची थी। ऐसी स्थिति में अधिकारियों की उपस्थिति के बाद मात्र 80 लोगों को ही टीका लगवाया जा सका। हालांकि बाद में गांव के संभ्रांत लोग एवं अधिकारियो ने लोगों को जब समझाना शुरू किया तो कुछ लोग तो टीकाकरण कराने पहुंचे जिनमे रामाश्रय सिंह तारा देवी विजय सिंह अनीता अवध राज मुसाफिर आदि ने समझाने बुझाने के बाद टीका लगवाए गांव में कोविड-19 के टीके के प्रति जो लोगों में भ्रांतियां फैली हैं उसको दूर करने का तरीका भी प्रशासन को अब समझ में नहीं आ रहा है।

जबकि ना तो स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगवाने में रुचि ले रहे हैं नहीं गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ता जब डोर टू डोर एवं कैंप लगाकर टीकाकरण कर रहे हैं तो वहां भी लोग टीका लगवाने से परहेज कर रहे हैं।

इस संबंध में उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार ने बताया कि भ्रांतियों के वजह से लोगों में जागरूकता का अभाव है। जिस वजह से लोग टीका लगवाने से परहेज कर रहे हैं जबकि टीका से जीवन बच सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को टीका लगवाने के लिए जागरूकता लाने की जरूरत है। गांव में जो भी संभ्रांत लोग हैं वह स्वयं टीका लगवाए और लोगों को भी प्रोत्साहित करें तो गांव में अधिक से अधिक टीकाकरण किया जा सकता है। इस दौरान खंड विकास अधिकारी इरशाद अहमद ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप कुमार उपाध्याय लेखपाल रामसागर सोनी डिंपल सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में मौजूद रहे।

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