रीगा चीनी मिल चालू करने का प्रक्रिया मे बिहार सरकार किया पहल

सीतामढी : तीन वर्षो से बंद रीगा चीनी मिल को चालू कराने को लेकर किसान मजदुरो द्वारा रीगा चीनी मिल मुख्य द्वार पर पूर्व से धरना प्रदर्शन जारी किया गया था। जिसमे एक किसान सोशल मीडिया के माध्यम से आत्मदाह का भी ऐलान किया गया था। हिसंक गतिविधि को रोकने और रीगा चीनी मिल चालू कराने को लेकर प्रगतिशील किसान फाउंडेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष राष्ट्रवादी सह महात्मा गांधी विचार प्रचारक सत्य नारायण सिंह स्वयं सत्य अहिंसा परमो धर्म महात्मा गांधी के सिद्धांत पर करो या मरो का नारा लगाते हुए दिनांक 16/11/22 को सुप्पी प्रखण्ड से 11 किलोमीटर पद यात्रा कर रीगा चीनी मिल मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन में अनिश्चित कालीन आमरण अनशन पर बैठ गए थे। सत्य नारायण सिंह का कहना था कि पूर्व में सन 1937 मे अंग्रेजो के शासन द्वारा क्षेत्र का सर्वेक्षण कर गन्ना के अनुकूल खेती को देखते हुए रीगा चीनी मिल का स्थापना किया गया था। जिससे लाखों किसान, मजदूर स्थानिय कामगार, व्यवसाई छोटे छोटे उद्दमी ट्रांसपोर्ट, ट्रैक्टर,ऑटो, रिक्शा, ठेला वाले का जीवन यापन होता था। लेकीन जब प्रगतिशील किसान फाउंडेशन द्वारा गुप्त चलाई जा रही भ्रष्टाचार पोल खोल अभियान मे रीगा चीनी मिल बंद होने की जानकारी रीगा चीनी मिल से जुड़े किसानों द्वारा जानकारी प्राप्त हुआ था की कुछ स्थानिय झोला छाप नेता व्यक्तिगत स्वार्थ मे मजदूरों को तोड़कर चिनी मिल के विधि व्यवस्था को प्रभावित करने का काम किया है और जिला के नेताओं और बिहार सरकार द्वारा निजी स्वार्थ में आर्थिक व्यवस्था को निष्पक्ष निगरानी नही किया गया। और जिस कारण एनसीएलटी कोर्ट का ताला लगा गया है जिससे विगत तीन वर्षो से चीनी मिल बंद पड़ा हुआ है। किसानों और मजदूरों द्वारा जानकारी दी गई है कि इस मिल के उपर कई करोड़ रुपए बकाया भी है। सत्य नारायण सिंह का कहना है कि बिहार सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने हेतु रीगा चीनी मिल चालू कराने को लेकर आमरण अनशन जारी किया गया था। जिसमे स्थानीय किसान मजदुर ट्रैक्टर ट्राली रिक्शा ठेला कामगार व्यापारी संघ दुकानदार सभी लोगो ने अपनी सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से आमरण अनशन में समर्पित थे। बिहार सरकार की ओर से मांगों को पूरा नहीं होते देख अनशनकारी का हालत गंभीर होते देखते हुए एक दिवसीय पूर्ण रूप से रीगा बंदी करके रीगा चीनी मिल चालू करो आंदोलन को सफल बनाया। जिसपर बिहार सरकार त्वरित संज्ञान लेते हुए रीगा चीनी मिल अनशन स्थल पर बिहार सरकार के माननीय सभापति महोदय देवेश चंद्र ठाकुर कई बिहार सरकार के दिग्गज नेताओं मे रेखा कुमारी, विमल शुक्ला, आशुतोष शंकर सिंह एथनौल बनाने वाली कंपनी निदेशक और पूरे जिला प्रशासन के साथ पहुंचकर अनशनकारी एवं किसानों की मांगों को स्वीकारते हुए अनशन को जूस पिलाकर सम्मानजनक खत्म कराया गया है। बिहार सरकार के द्वारा जानकारी दी गई है कि रीगा चीनी मिल चालू और किसान ऋण की समस्या के निवारण हेतु 21/11/2022 को बिहार सरकार गन्ना उधोग मंत्रालय के द्वारा बैठक की जा रही है। तत्काल एन सी एल टी कोर्ट का और बैंक के मामल को गंभीरता से लेते हुए अगले सीजन तक इस रीगा चीनी मिल को चालू कराने को वचनबद्ध है। वर्तमान खेतो मे लगे गन्ना के उचित मुल्य किसानों के दिलाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि बिना कमीशन और दलाली के गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाए। जिसकी बैठक जिला पदाधिकारी और चीन मिल प्रबंधक द्वार भी किया जा रहा है।अनशनकारी द्वारा ऐलान किया गया है। अगर चार से पांच महिना में मील चालू करने की गतिविधि नही दिखेगा तो आंदोलन का दुसरा रूप देते हुए महाकिसान आंदोलन किया जाएगा।

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