लनामिविवि के कुलपति प्रो० एस पी सिंह के आदेश से एनएसएस कोषांग ने केवटी प्रखंड के नरौरा गांव को लिया गोद

विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार नरौरा गांव में चलाया जाएगा टीवी उन्मूलन हेतु विविध विशेष कार्यक्रम- डा विनोद बैठा

◆ नरौरा गांव के विकास हेतु रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से एनएसएस समन्वयक की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह के आदेश से विश्वविद्यालय एनएसएस कोषांग ने दरभंगा के केवटी प्रखंड के नरौरा गांव को गोद लिया है। इस गांव के समुचित विकास की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से आज एनएसएस समन्वयक डा विनोद बैठक की अध्यक्षता में स्थानीय कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों की महत्वपूर्ण बैठक एनएसएस कोषांग में हुई, जिसमें मारवाड़ी कॉलेज की कार्यक्रम पदाधिकारी डा सुनीता कुमारी, एमआरएम कॉलेज की कार्यक्रम पदाधिकारी डा शगुफ्ता खानम, महात्मा गांधी कॉलेज के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो अविनाश कुमार, आरबीजे बेला कॉलेज, दरभंगा के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शिवनारायण राय, विष्णु प्रभाकर, प्रशांत कुमार झा, गोपाल झा व सुरेन्द्र प्रसाद आदि ने भाग लिया, जबकि विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में एनएसएस के पूर्व विश्वविद्यालय समन्वयक डा आर एन चौरसिया भी उपस्थित हुए।


बैठक में तय किया गया कि दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक बाहुल्य नरौरा गांव के समुचित विकास हेतु विभिन्न शैक्षणिक, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पर्यावरण व सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ही विशेष रूप से कुलपति के निर्देशानुसार टीवी उन्मूलन हेतु विविध जागरूकता कार्यक्रम तथा चिह्नित टीवी मरीजों के लिए सरकारी सुविधाओं के अतिरिक्त विश्वविद्यालय स्तर से सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
विश्वविद्यालय एनएसएस समन्वयक डा विनोद बैठा ने बताया कि चालू नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में नरौरा गांव जाकर वहां के मुखिया, सरपंच, समिति सदस्य, वार्ड सदस्यों, प्रमुख शिक्षित, सामाजिक जागरूक व इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क कर वृहद कार्ययोजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कुलपति महोदय के निर्देशानुसार स्थानीय महाविद्यालयों के एनएसएस स्वयंसेवक गोद लिए गए गांव नरौरा के घर- घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे तथा टीवी मरीजों का भी पता लगाकर उन्हें चिह्नित करेंगे।
तदोपरांत उन्हें विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ पहुंचावाने के साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा भी विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। ज्ञातव्य है कि भारत सरकार ने 2025 तक भारत को टीवी मुक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ‘प्रधानमंत्री टीवी मुक्त भारत अभियान’ योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय टीवी उन्मूलन कार्यक्रम का संचालन भी किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा सरकारी एवं गैर सरकारी सहायता से टीवी उन्मूलन हेतु जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ही चिह्नित टीवी मरीजों को पोषाहार हेतु प्रतिमाह उनके खाते में ₹500 देने का प्रावधान है। उक्त योजना के तहत टीवी मरीजों को कम से कम 6 माह और अधिकतम 3 वर्षों तक सभी तरह की सरकारी सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान है।
ज्ञातव्य है कि पूर्व में कुलपति एवं कुलसचिव के निर्देश से गांव गोद लेने के उद्देश्य एनएसएस की 4 सदस्यीय निरीक्षण दल चतरिया, कोयलास्थान, दोमे व नरौरा आदि गांवों का दौरा कर विश्वविद्यालय से नरौरा गांव को गोद लेने हेतु आग्रह किया था। निरीक्षण दल में एनएसएस समन्वयक प्रथम डा विनोद बैठा, एनएसएस समन्वयक द्वितीय डा आनंद प्रकाश गुप्ता, आर बी जलन बेला कॉलेज, दरभंगा के एनएसएस पदाधिकारी प्रो शिवनारायण राय तथा पूर्व एनएसएस समन्वयक डा आर एन चौरसिया के नाम शामिल हैं।

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